मे्री रचनायें
मेरी रचनायें ,मे्री कविता नही मेरा जुनून है,
सामाजिक विषमताओं पर उबलता मेरा खून है!!
लेखनी के बाण कभी किसी को भेदते हैं,
कभी किसी को आह्लादित-किसी को छेदते हैं!! मेरी रचनायें........
मै सामाज़िक सौहाद्र,समन्वय पर लिखता नही,
जीवन असत्य है,लोगो को सत्य दिखता नही !! मेरी रचनायें.....
प्रेम की जिन्हे परिभाषा आती नही प्रेम पर लिखते हैं,
वासना को प्रेम से परोसते हैं,तभी ऊंचे फ़्रेम् पर दिखते हैं!! मेरी रचनायें....
पाप-पुण्य की परिभाषा नये संदर्भों मे बदल गई है,
स्वार्थ-परता,आज़ के सुख के सांचे मे ढल गई है !! मेरी रचनाये......
सत्य लिखने पर भी कहां मिलता सुकून है?
मेरी रचनाये, मेरी कविता नही मेरा जुनून है!! मेरी रचनाये....
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७