Monday, August 26, 2013

मेरा छोटा सा

मेरा छोटा सा प्यारा सा लाला,
मेरा गोविन्दा श्याम  गोपाला !!
बॄज मण्डल मे बाजे -बधाई,
इसकी प्यारी छवि सबको भाई,
नाचे बॄज के गोपी औ ग्वाला !!मेरा गोविन्दा....
जसुमति का है ये तो कन्हाई,
इसको नज़र किसी ने लगाई,
कर डारूंगी उसका मुँह काला !!मेरा गोविन्दा......
नन्द बाबा का है ये खिलोना,
मेरा छौना है सबसे सलोना,
बडे नाज़ों से इसको है पाला !!मेरा गोविन्दा.....
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

Wednesday, August 7, 2013

वो

तुम्हे यह हक किसने दिया?जब चाहा
किसी की ज़िन्दगी मे चुपके से चली आओ!
ज़िन्दगी के किसी भी स्टेशन पर उतर जाओ,
पहले लुभाओ जी भर कर!
फ़िर प्यार परवान चढ्ने से पहले ही रुलाओ!!

     २  
है यही हसरत मेरी,तुझे इस कदर मज़बूर कर दूं,
मेरे ख्यालों मे खोई रहे,ज़माने से तुझे दूर कर दूं !!
क्योंकि तू ने ही कर दी, अब यही हालत मेरी ,
सोते-जागते सोचता हूं ,कि इस परी को हूर कर दूं!!

      ३
हर शाम सुहानी होती है,जब उसे बुलाता हू,
और वो झट से दौडी चली आती है !
दिल धक-धक करने लगता है ,
जब वो नैनो के बाण चलाती है !!
आँचल सरका पलकों को झपकाती है,
कसम खुदा की तन-मन मे आग लगाती है!!
कारे -कज़रारे नैनो से करे इशारे जो,
रिषी-मुनियों की तपस्या भँग कर जाती है !!