Thursday, April 10, 2008

सितम


हमने तो प्यार किया है ,क्या प्यार निभाएंगे आप?

आंसू ही सूख गए जब, फ़िर क्या और रुलायेंगे आप?

जो होश गवां बैठे हैं उन्हें ,क्या और लुभायेंगे आप?

आशियाँ ही तोड़ दिया जब,क्या आग लगायेंगे आप?

हाथों में कफ़न है हमारे ,फ़िर क्या मौत दिखायेंगे आप?

हमने तो प्यार किया है .............

बोधिसत्व कस्तूरिया

२०२ नीरव निकुंज सिकन्दरा agra 282007

मासूम

आज एक मासूम पे मेरा दिल आया है !
दिल के दरवाज़े पे उसने दस्तक दी है ,और खाव्बों में बुलाया है !!
उनका बुलाने का अंदाज़ भी या तोबा ?
ख्वाबों में किए हैं सजदे ,और ख्यालों में बुलाया है !!
देखिये यह नजाकत उनकी ,
डाले हैं जुबां पर ताले और पलकों को हिलाया है !!
कहिये यह कशिश उनकी ,
कागज़ और कलम भी नहीं ,पैगाम दिलाया है !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुंज सिकन्दरा आगरा २८२००७ मोब; 9412443093

परिभाषा

संयुक्त परिवार
संयुक्त परिवार की परिभाषा को हमने ,काफी संशोधित और परमार्जित कर दिया !
हम दो हमारे दो सरकारी नारे में,मनसा ,वाचा, कर्मणा उसे समाहित कर दिया !
अब पुराने वस्त्रों की भांति हमने,मां-बाप का भी परित्याग कर दिया !
भाई-बहनो ने भी aनुकरण कर उन्हें हृदय-पटल से निष्कासित कर दिया !!
नागरिकता
"माँ की गोद नागरिकता की प्रथम पाठशाला है "
माँ की गोद कलंकित न हो
इसलिए हमने अपने बच्चों को गोदी से खींचकर
किंदर-गारतों और नर्सरी में डाला है !!
समाज
"मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है !"
संभवतः यह रूसो और अरस्तू की वाणी है !!
जो भावी पीढी के मस्तिष्क से मिटानी है !
क्योंकि नुत्रों वा अतोम बोम्ब
ही सर्वाधिक कल्याणी है !!
सूर्योदय
"ब्रह्मांड में सूर्य एक है "
शाश्वत सत्य शंकालू है ?
क्योंकि जुबां के नीचे तालू है !!
धरती का मानव ,संभवतः
isee liye इतना चालू है !!

विद्या मन्दिर

विद्या मन्दिर अब बाज़ार हो गया ,प्रमाण-पत्र क्रय- विक्रय का व्योपार हो गया !
गाँव-गाँव में पढे लिखों का अम्बार हो गया, विद्या-मन्दिर अब बाज़ार हो गया !!
शिक्षक कितना ,अब लाचार हो गया ,पुत्र उसी का गुंडों का सरदार हो गया !
कक्षा में आ जाए ,तो आभार हो गया ,विद्या-मन्दिर अब बाज़ार हो गया !!
विषय बोझ से लदा शिष्य,बीमार हो गया ,नित नूतन पाठ्य-क्रम कुतुब मीनार हो गया !
शिक्षा -नीति बदलना ,मात्र एक त्यौहार हो गया ,विद्या मन्दिर अब बाज़ार हो गया !!
राजनीति से सरस्वती को प्यार हो गया ,विद्या-मन्दिर अब बाज़ार हो गया !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुंज सिकन्दरा आगरा २८२००७ मो9412443093