Tuesday, May 27, 2014

देखा नही

हम आपके इतने करीब थे,
फ़िर भी कभी आपने हमे देखा नही !!
अब जब दूर इतने हो गये,
फ़िर भी हमारे बीच कोई रेखा नही !!
हर समय उम्र का फ़ासला था,
लेकिन फ़िर भी कभी कोई लेखा नही!!
आपके प्यार मे उम्र आडे थी,
इसीलिये आपने एक नज़र देखा नही !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

Sunday, May 18, 2014

जाग गया है हिन्दुस्तान

बदल गया समय, और जाग  गया है हिन्दुस्तान !
अब इन्डिया नही, सब मिल बोलो जैहो हिन्दुस्तान!!
धर्म,जाति बन्धन से ऊपर करना है नव निर्माण !
भाई-चारे का नव इतिहास लिखेगा फ़िर हिन्दुस्तान!!
धर्म-निर्पेछ का ओढ लबादा ठगा सभी ने हमको !
हम नही वोट-बैकं किसी दल के समझा हिन्दुस्तान!!
राष्ट्र निमाण को यदि सब मिल कर काम करेंगे,
फ़िर "सोने की चिडिया’ कहलायेगा यह हिन्दुस्तान!!
वंशवाद की जो बेल कटी है,फ़िर नही पनपने देंगे,
"वसुधैव कुटुम्बकम" पर आधारित होगा हिन्दुस्तान!!
बोधि्सत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

Friday, May 16, 2014

नमो नमो की वैतरणी आई,

नमो नमो की वैतरणी आई,
घर-घर बाजी खूब बधाई !
पर  भूल ना जाना भाई,
इससे करनी हमे सफ़ाई !!नमो नमो....
कोई धर्म-मज़हब हो भाई,
देश हित है पहली माई !!नमो नमो....
सो ना जाना ओढ रज़ाई,
वरना होगी बडी हँसाई !! नमो नमो....
शासन जब करै कडाई,
धीरज धरौ सब भाई !!  नमो नमो....
संयम-समय की ताईं,
लडनी है बडी लडाई !!  नमो नमो....

बोधिसत्व कस्तूरिया  २०२ नीरव निकुन्ज सिक्न्दरा


फ़िर कीचड से कमल खिला

फ़िर  कीचड से कमल खिला है,
तुष्टीकरण वालों का दिल हिला है!
कैसे फ़ेल हो गया अबकी पासा,
काँग्रेस,सपा सबकी टूट गई आसा!
कैसे वोट-बैंक टूटा यह मन्थन ज़ारी है!!फ़िर  कीचड से कमल खिला है,

जाति-पाँति से  बडा राष्ट टूटते देखे,
सभ्य समाज के नही यह सब लेखे !
धर्म-जाति पर विकास,सुशासन भारी है!!फ़िर  कीचड से कमल खिला है,

अब कैसे हवा-हवाई किले बनेगे ?
कैसे बेटे-बेटी और भतीजे पलेगे ?
सोच सोच छेत्रीय राजनीति फ़िर हारी है!!फ़िर  कीचड से कमल खिला है,

अब कैसे चढ गुण्डों की छाती पर,
"मुहर लगेगी हाथी पर"!
कह दलित की बेटी  कब तक ठगती?
महल-दुमहले बना कहती अबला नारी है!! फ़िर  कीचड से कमल खिला है,

६७ वर्षो तक ठगी गई यह जनता कहती,
"सिंहासन खाली करो" अब उसकी बारी है!!
नई चुनौती और नई अपेछाएं हैं,
"सबका साथ-सबका विश्वास"
केवल यही नीति,अब सब पर भारी है!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७