कब तलक हम विश्व को ,शान्ति-अहिंसा का पाठ पढ़ते रहेंगे?
बार-बार गोडसे,राज रतनम और कसाब आते रहेंगे!!
शान्ति-अहिंसा के पुजारी मरते रहेंगे,गाँधी,इंदिरा हों या राजीव !
जब तलक कोई क्यों अर्जुन, नही उठाएगा फिर से अपना गांडीव !!
kyon करें हम उससे ,आतंकी सफाए की उम्म्मीद ?
जिसने पायी हो सत्ता ,अपनी बेगम करके शहीद !कब talak ........
bodhi satva kastooiya
Sunday, December 28, 2008
Wednesday, December 24, 2008
तकदीर
अपनी-अपनी तकदीर पर हर कोई रोया है !
कोई अब तक रो रहा ,तो कोई रो-रो के सोया है !!
किसी ने कुछ नही पाया ,वो तो रोया सही 'लेनिन' !
पर किसी ने सब कुछ पाकर भी चंद लम्हों में सब खोया है !!अपनी -अपनी....
किसी को और थोड़ा ,और की ललक ने रुलाया !
मगर कुछ ने ता-उम्र कमा के फिर यूँ ही धोया है !!अपनी-अपनी.......
ऐसे तो हर किसी को ,उससे गिला- शिकवा है !
पर उनकी क्या कहे 'लेनिन' जो तेरे दर पर भी aake रोया है अपनी- अपनी ......
bodhi satva kastooriya
कोई अब तक रो रहा ,तो कोई रो-रो के सोया है !!
किसी ने कुछ नही पाया ,वो तो रोया सही 'लेनिन' !
पर किसी ने सब कुछ पाकर भी चंद लम्हों में सब खोया है !!अपनी -अपनी....
किसी को और थोड़ा ,और की ललक ने रुलाया !
मगर कुछ ने ता-उम्र कमा के फिर यूँ ही धोया है !!अपनी-अपनी.......
ऐसे तो हर किसी को ,उससे गिला- शिकवा है !
पर उनकी क्या कहे 'लेनिन' जो तेरे दर पर भी aake रोया है अपनी- अपनी ......
bodhi satva kastooriya
Saturday, December 20, 2008
आतंकवाद
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