Sunday, December 28, 2008

ज़रदारी को पैगाम

कब तलक हम विश्व को ,शान्ति-अहिंसा का पाठ पढ़ते रहेंगे?

बार-बार गोडसे,राज रतनम और कसाब आते रहेंगे!!

शान्ति-अहिंसा के पुजारी मरते रहेंगे,गाँधी,इंदिरा हों या राजीव !

जब तलक कोई क्यों अर्जुन, नही उठाएगा फिर से अपना गांडीव !!

kyon करें हम उससे ,आतंकी सफाए की उम्म्मीद ?

जिसने पायी हो सत्ता ,अपनी बेगम करके शहीद !कब talak ........
bodhi satva kastooiya

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