Thursday, April 14, 2016

श्रद्धांजलि


अब हर श्व्वास,इतनी बदहवास हो गई! राष्ट्र-भक्ति,देश-द्रोहियो की दास हो गई!! "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता"माँ-भारती का, गले का हार न हुई,वरन फ़ाँस हो गई!! संविधान के निर्माता शर्मिन्दा हो गये, १२५वी जयती पर,आत्मा उदास हो गई!! डा० अम्बेडकर! दूँ तुम्हे क्या श्रद्धांजलि? संविधान की शुचिता अट्टहास हो गई!! बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिक्न्दरा,आगरा-२८२००७

Friday, April 8, 2016

नव संम्वत्सर २०७३,नूतन जागृति का उदघोष!

नव संम्वत्सर २०७३,नूतन जागृति का उदघोष! चारो दिशायें भर रही,,मानव मे स्फ़ूर्ती औरजोश!! खेत-खलिहानप्रतिपदा,ज्यों कर रही हो यूँ सन्धि! धन्य हर मानव मे है, सुवासित सरसों की सुगन्धि, हरधर्म और जाति"भारत माता की जै"मे मदहोष!!नव संम्वत्सर..... किस धर्म-ग्रन्थ मे लिखा है,मादरे वतन से बेवफ़ाई, किन धर्म गुरूओं और उलेमाओं ने,आग है ये लगाई? जिस माटी मे पले-बढे,जहाँ मिले राम-रहीम से भाई, मुस्सलसल ईमान न रखे वो नही मुसल्मान जोश!!नव संम्वत्सर ...