Sunday, February 26, 2012

शत -शत नमन शहीदों को ,

शत -शत नमन शहीदों को ,
जिन प्रजातन्त्र उपहार है दीन्हों!
पर धिक्कर उन नेतन कौ,
जिन बाकी मर्यादा नही चीन्हों !! शत शत नमन....
अपने घर भरवे की चिन्ता मे,
अपनौ देश ही गिरवी धर दीन्हो!! शत शत नमन....
कर-कर अरबन के घोटाले ,
स्विस बैकंमे लाकर भर दीन्हो !! शत शत नमन....
अब आयो मत देवे को त्यौहार,
भैया ! अबकी चूक ना कीन्हो !!  शत शत नमन....
अबकी ह्वे गई जो भूल दोबारा,
बच्चन को ज़हर पडैगो दीन्हो !!  शत शत नमन....
बोधिसत्वकस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दर आगरा २८२००७