Friday, March 11, 2016

शपथ

तुष्टीकरण और धर्मनिरपेछता की आड मे अब,
राष्ट्र्वाद,और संप्रभुता से खिलवाड न होने पाये!
बन्द करो आज़ादी की बरबादी करने वालों को,
देश-द्रोह-नासूर कही तिल का ताड न होने पाये!!
"साम्यवाद,-समाजवाद""राश्ट्र्वाद"पर क्यों हावी?
गुबार रेत का एकत्र हो,कहीं पहाड न होने पाये!!
भारत माँ के सपूतो की कुर्बानी क्या समझे कोई?
कल तक जो चूहे बिल के थे,साँड न होने पाये!!
"आपातकाल"के अनुयायी, देते दुहाई अभिव्यक्ति
है शपथ तुम्हे!भारत माँ की दहाड न खोने पाये!!

बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७

Tuesday, March 8, 2016

अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस!

महिला दिवस
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है आज फ़िर अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस!
बधाई उन सभी को ,जिन्को संग्यान है!
सोचा कभी उनका भी जो पीट्ती है लोहा,
बाँध पेट से नव सृजित  नन्ही जान है!!
कब तक दारू की भाँति रोज़ पी जायेगी,
जिसको देवी होने का मिला सम्मान है!!
उसको कब तलक नारी शक्ति बतलाकर,
लूटते रहेगे और फ़िर भी बने अग्यान है!!
कहते है"आधी आबादी पीडित-शोषित है!"
साँझ से पहले,शोषण करके अभिमान है!!
शिछित होगी जब,अधिकारो का हो ग्यान,
निश्चित मिलेगा, छीना गया जो सम्मान है!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज,सिकन्दरा,आगरा-२८२००७

Saturday, March 5, 2016

शिव रात्रि महापर्व

शिव की शक्ति,शिव की महिमा अपरम्पार,
जिस पर कृपा दृष्टि करें, उसका बेडा पार!!
जन हित मे पी जावें,हँस कर विष-प्याला,
नंदी की करें सवारी,पहिरें बाघम्बर छाला!!
सर्प करें नर्तन गले,चन्द्र सुशोभित मस्तक,
हाथ त्रिशूल और डमरू,आज दे रहे दस्तक!!
शिव रात्रि के् महापर्व,गौरा संग व्याह करे,
भंग के रंग मे चकाचक बाराती स्वांग धरे!!
घर-आँगन,गली-मुहल्ले शि्व की जै-जैकार,
एक पुकार पर करते, सब भक्तों का उद्धार!!
अहं-स्वार्थ पर मरने वालो,तुमको-धिक्कार,
शिव भक्त बनो तो, परमार्थ बनाओ आधार!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७

Friday, March 4, 2016

मधुर-मिलन

तुम सबसे सुन्दर हो
उससे सुन्दर बतियाँ !
पास नही हूँ अब तेरे,
आस निहारे अखियाँ !!
मन-मन्दिर मे झाँकूं,
कैसे मिलेंगी सखियाँ ?
हर जतन अकारथ है,
बीत रही अब रतियाँ !!
रात चाँदनी लिखती है,
प्यार भरी वो बतियाँ !!
अपने अंक भरूँ तुझको,
जाग न जायें सखियाँ !!
हर आहट है अहसास,
मधुर-मिलन-बतियाँ !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिक्न्दरा आगरा २८२००७