शिव की शक्ति,शिव की महिमा अपरम्पार,
जिस पर कृपा दृष्टि करें, उसका बेडा पार!!
जन हित मे पी जावें,हँस कर विष-प्याला,
नंदी की करें सवारी,पहिरें बाघम्बर छाला!!
सर्प करें नर्तन गले,चन्द्र सुशोभित मस्तक,
हाथ त्रिशूल और डमरू,आज दे रहे दस्तक!!
शिव रात्रि के् महापर्व,गौरा संग व्याह करे,
भंग के रंग मे चकाचक बाराती स्वांग धरे!!
घर-आँगन,गली-मुहल्ले शि्व की जै-जैकार,
एक पुकार पर करते, सब भक्तों का उद्धार!!
अहं-स्वार्थ पर मरने वालो,तुमको-धिक्कार,
शिव भक्त बनो तो, परमार्थ बनाओ आधार!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७
जिस पर कृपा दृष्टि करें, उसका बेडा पार!!
जन हित मे पी जावें,हँस कर विष-प्याला,
नंदी की करें सवारी,पहिरें बाघम्बर छाला!!
सर्प करें नर्तन गले,चन्द्र सुशोभित मस्तक,
हाथ त्रिशूल और डमरू,आज दे रहे दस्तक!!
शिव रात्रि के् महापर्व,गौरा संग व्याह करे,
भंग के रंग मे चकाचक बाराती स्वांग धरे!!
घर-आँगन,गली-मुहल्ले शि्व की जै-जैकार,
एक पुकार पर करते, सब भक्तों का उद्धार!!
अहं-स्वार्थ पर मरने वालो,तुमको-धिक्कार,
शिव भक्त बनो तो, परमार्थ बनाओ आधार!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा-२८२००७


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