महिला दिवस
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है आज फ़िर अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस!
बधाई उन सभी को ,जिन्को संग्यान है!
सोचा कभी उनका भी जो पीट्ती है लोहा,
बाँध पेट से नव सृजित नन्ही जान है!!
कब तक दारू की भाँति रोज़ पी जायेगी,
जिसको देवी होने का मिला सम्मान है!!
उसको कब तलक नारी शक्ति बतलाकर,
लूटते रहेगे और फ़िर भी बने अग्यान है!!
कहते है"आधी आबादी पीडित-शोषित है!"
साँझ से पहले,शोषण करके अभिमान है!!
शिछित होगी जब,अधिकारो का हो ग्यान,
निश्चित मिलेगा, छीना गया जो सम्मान है!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज,सिकन्दरा,आगरा-२८२००७
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है आज फ़िर अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस!
बधाई उन सभी को ,जिन्को संग्यान है!
सोचा कभी उनका भी जो पीट्ती है लोहा,
बाँध पेट से नव सृजित नन्ही जान है!!
कब तक दारू की भाँति रोज़ पी जायेगी,
जिसको देवी होने का मिला सम्मान है!!
उसको कब तलक नारी शक्ति बतलाकर,
लूटते रहेगे और फ़िर भी बने अग्यान है!!
कहते है"आधी आबादी पीडित-शोषित है!"
साँझ से पहले,शोषण करके अभिमान है!!
शिछित होगी जब,अधिकारो का हो ग्यान,
निश्चित मिलेगा, छीना गया जो सम्मान है!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज,सिकन्दरा,आगरा-२८२००७

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