Tuesday, April 22, 2014

प्रजातंत्र के पावन पर्व पर ,मतदान करो

अब की बार घर-घर यह अलख् जगानी है,
भ्रष्ट-घोटालों मे लिप्त ,ये सरकार हटानी है !!
वंशवाद और भ्र्ष्टाचार की अब जडें उखाडो,
प्रजातंत्र मे जन-जन की सरकार बनानी है !!अब की बार घर-घर...
जातिवाद-साम्प्रदायिकता से ऊपर उठ्कर,
सर्वधर्म- समभाव की अब सोच जगानी है !!अब की बार घर-घर....
अधिकारों की छोड, कर्तव्यों की भी सोचो,
प्रजातंत्र पर फ़िर इस बार मुहर लगानी है !!अब की बार घर-घर...
प्रजातंत्र के पावन पर्व पर ,मतदान करो,
सुदॄढ,सुयोग्य-सुसंगठित,सरकार बनानी है !!अब की बार घर-घर...

बोधिसत्व कस्तूरिया एड्वोकेट २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७