सादगी और संस्कृति के उपासक सरल,
नाम उनका है वाजपेई बिहारी अटल!!
कवि-हृदय,मॄदु-भाषी,हास्य के पर्याय है,
विद्वेष-ईर्षा से परे,है नितान्त निश्छल!!
साहित्य और संस्कृति के दृढ-प्रणेता,
त्यागी-तपस्वी सा जीवन है अविरल!!
कामना से परे,भावना से भरे ओजस्वी,
हिन्द के युग-पुरुष है"भारत रत्न अटल"!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज,सिकन्दरा,आगरा २८२००७

