Thursday, April 10, 2008

सितम


हमने तो प्यार किया है ,क्या प्यार निभाएंगे आप?

आंसू ही सूख गए जब, फ़िर क्या और रुलायेंगे आप?

जो होश गवां बैठे हैं उन्हें ,क्या और लुभायेंगे आप?

आशियाँ ही तोड़ दिया जब,क्या आग लगायेंगे आप?

हाथों में कफ़न है हमारे ,फ़िर क्या मौत दिखायेंगे आप?

हमने तो प्यार किया है .............

बोधिसत्व कस्तूरिया

२०२ नीरव निकुंज सिकन्दरा agra 282007

No comments: