Saturday, August 14, 2010

15 agast 2010

स्वतन्त्रता के अमर शहीदों को सलाम,
तिरसठ वर्षों की बेबाक आज़ादी को प्रणाम!!
आज उनके ज़ज़्बे से हम आज़ाद हैं,
उनकी वतन परस्ती को गाते यह कलाम!! स्वतन्त्रता के........
कभी उनकी शहादत सुनकर रूह कांपती,
आज़ उनकी रूह से रूबरू होने का है काम!! स्वतन्त्रता के........
१८५७ से हो गई शुरू जंग-ए-आज़ादी ,
लक्ष्मी बाई,तात्या टोपे की हसरत का है नाम!! स्वतन्त्रता के....
चन्द्र शेखर,सुभाष,भगत सिंह राज गुरू,
हैं ऎसे अनेकों अनगिनत शहीदों का ये काम!! स्वतन्त्रता के.......
तीर-तलवार, हिन्द- सेना के साथ लेखनी ,
इकबाल- बिस्मिल शायरी ज़िसका था नाम !! स्वतन्त्रता के .....
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २९२००७

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