आज जयन्ती है ,उस लौहपुरुष की ,
जिसने भारत को एक सूत्र मे पिरोया !!
आज पुण्य तिथि है उस महिला की,
जिसके प्रयाण पर सारा भारत रोया !!
भारतीय इतिहास की एतिहासिक तिथि,
जब हमने एक कुशल प्रशासक पाया,
आज ही एक कुशल प्रशासक खोया !!
है नियति का नियम सबको मान्य,
उसने वही पाया है जो जिसने बोया !!
देश हित के लिये दोनो का समर्पण,
कैसे हो विस्मॄत,चिरनिद्रा मे सोया !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७
जिसने भारत को एक सूत्र मे पिरोया !!
आज पुण्य तिथि है उस महिला की,
जिसके प्रयाण पर सारा भारत रोया !!
भारतीय इतिहास की एतिहासिक तिथि,
जब हमने एक कुशल प्रशासक पाया,
आज ही एक कुशल प्रशासक खोया !!
है नियति का नियम सबको मान्य,
उसने वही पाया है जो जिसने बोया !!
देश हित के लिये दोनो का समर्पण,
कैसे हो विस्मॄत,चिरनिद्रा मे सोया !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७


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