Thursday, October 23, 2014

दीपोत्सव

पंच महोत्सव की हा्र्दिक शुभ कामनायें !
धन्वन्तरि जयन्ती की स्वस्थ धारणायें !!
धन-कुबेर से समॄद्ध हो इस पावन-पर्व से,
खुशियाँ सर्वत्र महके,है यही मम भावनायें !!
धरा से गगन तक खुशी ही  लहलहाये,
गरीबी से न आहत हो कोई सम्वेदनायें !!
चतुर्दशी को "भारत स्वच्छ’विस्मॄत न हो,
तभी बरसेंगी धनलछ्मी की समभावनाये!!
दीपोत्सव करे ज्योतिर्मय भारतवर्ष को,
साकार हो उठें "राम-राज्य"की कल्पनायें !!
कॄष्ण सी प्रखर हो गोवर्धन की  आस्था,
तभी सम्भव है ग्राम्य जीवन सफ़लतायें !!
दौज़ के पावन पर्व मे छिपी है सम्मान,
और नारी की अस्मिता की नई दिशायें!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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