Friday, October 3, 2014

विजया दश्मी की शुभ कामनायें !

आप तक पहुँचे विजया दश्मी की शुभ कामनायें !
कर दो पराजित ,अन्तः करण की   दुर्भावनाये !!
जागॄत करो मर्यादा पुर्षोत्तम राम सा आत्म संयम,
भेद दो अहं, स्वार्थ और वासना की सम्भावनायें !!
जीत लो प्रेम और विशवास से विश्व की  धारायें,
धरा पर अवतीर्ण हो्गी,राम-राज्य की कल्पनायें !!
स्वजन और परिजन से परे, विश्व-बन्धुत्व होगा,
गूँजेगी तभी हिन्दुत्व के प्रथम प्रष्ठ की रचनायें !!

बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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