न दशहरे के रावण से किसी ने सीख ली
न राम के आदर्श को कोई सीख पाया !!
दुर्भाग्य हम राम के देश मे पैदा हो गये,
इसीलिये गाँधी भी कभी नही चीख पाया!!
हाँ धीरे से बोले "हे राम!" शान्त हो गये,
जयन्ती होती है,आचरण नही दीख पाया!!
जो कभी कोई अनुसरण करता भी है तो,
अवसरवादी पीछे ढकेल कर सत्ता पा गये,
नेहरू हो या केज़रीवाल वही दीख पाया !!
य़ूँ राम राज्य की परिकल्पना व्यर्थ होगी,
क्योकि अयोध्या का धोबी नही चीख पाया !
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७
न राम के आदर्श को कोई सीख पाया !!
दुर्भाग्य हम राम के देश मे पैदा हो गये,
इसीलिये गाँधी भी कभी नही चीख पाया!!
हाँ धीरे से बोले "हे राम!" शान्त हो गये,
जयन्ती होती है,आचरण नही दीख पाया!!
जो कभी कोई अनुसरण करता भी है तो,
अवसरवादी पीछे ढकेल कर सत्ता पा गये,
नेहरू हो या केज़रीवाल वही दीख पाया !!
य़ूँ राम राज्य की परिकल्पना व्यर्थ होगी,
क्योकि अयोध्या का धोबी नही चीख पाया !
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

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