Monday, January 26, 2015

गणतंत्र

जन से गण तक अब  गणतंत्र जगा है,
विश्व पटल पर भारत का अब डंका है!!
अमरीका,रूस,चीन,औ जा्पान सभी जाने,
भारत की साख,नही किसी की शंका है!!
"वसुधैव कुटुम्बकम" का गुणगान यही
छोटे-बडे देश नही नेपाल,भूटान,लंका है!!
"सबका साथ-सबका विकास" मंत्र हमारा
फ़िर कैसे आपस मे विरोध की आशंका है?
६६वर्ष मे परिपक्क्व हुआ गणतंत्र हमारा
समझ गये वो-जिनको मोदी से शंका है!!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुन्ज सिकन्दरा आगरा २८२००७

No comments: