हम कूडा बीनने वाले
हम कूडा बीनने वालेसभी का बीनते है !!धर्म नही कर्म करते,नही कुछ छीनते है!!क्योँ लोग परेशान है?
सूखी रोटी जीमते हैं!!
हर मज़ह्ब हमारा है,
सभी का बीनते है !!
लोग विदेशी कहते है,
हमे नही चीन्ह्ते हैं!!
यही रूखी सूखी मिली,
इसी को चीन्हते हैं!!
खुदा तालों मे रखो,
मुफ़लिसी बीनते है!!
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