

मेरे अंतस का अंतर्द्वंद,
उस अंकुर का
जो प्रस्फुटित होना चाहता है !
उसे पा लूं ,
गले से लगा लूं,या
नोच कर मिटा दूं,
जो प्रतिष्ठित होना चाहता है !
दोषी कौन है?
दोषी कौन है?
मृतप्राय माली ,
शुष्क धरती,या
वह कुंठित बीज
जो अंकुरित होना चाहता है !
इनके अतरिक्त भी कोई और है
हाँ संभवतः पर्यावरण,
जो प्रतिबिम्बित होना चाहता है !! बोधिसत्व कस्तूरिया

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