Sunday, November 4, 2007

untardwand



मेरे अंतस का अंतर्द्वंद,


उस अंकुर का

जो प्रस्फुटित होना चाहता है !

उसे पा लूं ,

गले से लगा लूं,या

नोच कर मिटा दूं,

जो प्रतिष्ठित होना चाहता है !
दोषी कौन है?

मृतप्राय माली ,

शुष्क धरती,या

वह कुंठित बीज

जो अंकुरित होना चाहता है !

इनके अतरिक्त भी कोई और है

हाँ संभवतः पर्यावरण,

जो प्रतिबिम्बित होना चाहता है !! बोधिसत्व कस्तूरिया

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