Thursday, February 5, 2015

दिल्ली जीतेंगे!

पहले जीता भारत, अब भारत का दिल-दिल्ली जीतेंगे!
विश्व बन्धुत्व का मंत्र, अब दुनिया वाले हमसे सीखेंगे !!
न कोई छोटा और न कोई बडा होगा,ये सुन ले दुनिया,
देश दीवारों मे नही कैद हो, न अब सीमांओ को खीचेंगे!!
भारत रहा सदा से,संस्कॄति,धर्म और आध्यात्म का गुरु,
प्रेम-सदभाव,और सहिष्णुता से, इस बगिया को सीचेंगे !!
सत्य,अहिंसा की प्रतिमूर्ति,बापू-गाँधी की है शपथ तुम्हे !
आतंक्वाद और अत्याचार से,अब कभी ना आँखे मीचेंगे !!
बोधिसत्व कस्तूरिया २०२ नीरव निकुँज, सिकन्दरा आगरा २८२००७

No comments: